GHAZAL / ASHVANI JAITLY
कैसा है यह मंज़र ज़ालिम कैसी अदभुत बात हुई शहर में छाया सन्नाटा है जैसे दिन में रात हुई वो ही इक पल आँख से मेरी ओझल ना हो पाता है जिस पल ने था लूटा मुझको, उस प...
सुपर हीरोज/ वीना रेखी
महामारी का ऐसा बवंडर उठा दुनिया ने टेक दिए घुटने भारत के सुपर हीरोज ने सरेंडर की बजाए ढूंढे विकल्प समस्याओं के खोजे समाधान नफरत को प्यार में बदल कर तन से दूर मन के पा...
ज़िन्दगी के मोड़ पर खड़ा शायर
ज़िन्दगी के हर मोड़ पर, मैंने इक शायर खड़ा देखा। किसी को खुश, तो किसी को तन्हा देखा। रोशनी में भी मैंने, अंधेरे को आते देखा। हां मैंने कई रिश्तों को जुड़ते, ...
ਗੀਤ / ਸਤਵੰਤ ਕਾਲਕਟ (ਅਹਿਸਾਸ)
ਮਿੱਠੇ ਪਾਣੀ ਖੂਹਾਂ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਦੇ ਪੰਨੇ ਹੋਏ ਟੂਬਲ ਨਲਕਿਆਂ ਦੇ ਪਾਣੀ ਵੀ ਅੱਜ ਪਲੀਤ ਨੇ ਹੋਏਗੰਧਲਾ ਪਾਣੀ ਟੂਟੀ ਦਾ ਪੀ ਪੀ ਕੇ ਕਾਲਜਾ ਮੱਚਦਾਮਿਨਰਲ ਵਾਟਰ ਲੈ ਦੇ ਵੇ ਨਈ ਟੂਟੀ ਦਾ ਪਾਣੀ ਪਚਦਾਪਹਿਲਾਂ ਤੇ ਟੂਟੀ ...
ख़्वाहिशों के मायने / मनोज धीमान
बरसों से तलाश थी कि मिल जाये सुकून भरा इक लम्हा रूह निकल जाने के बाद कम्बख़्त आया वो इक लम्हा देखिये जनाब, क्या अजीब वक़्त आया है परिंदा भी हवा में उड़ते ...
ਬਦਲ ਆਪਣੇ ਹਾਲਾਤਾਂ ਨੂੰ
ਉੱਠ ਬਦਲ ਆਪਣੇ ਹਾਲਾਤਾਂ ਨੂੰ ਨਾ ਦਫ਼ਨ ਕਰ ਆਪਣੇ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਨੂੰ ਕਰ ਪੂਰੇ ਸੁਪਨੇ ਆਪਣੇ ਦੇ ਨਵੀਂ ਦਿਸ਼ਾ ਆਪਣੀਆਂ ਪ੍ਰਭਾਤਾਂ ਨੂੰ ਸੂਰਜ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਕਿਰਨ ਵਰਗੀ ਉਮੰਗ ਤੇਰੀ ਜਾਰੀ ਰਹਿਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਏ ਜੰਗ ਤੇਰੀ ਜੇ ...
कविता -/क्यों हम दफ़न करें / दीपक ठाकुर
होना ही है इक दिन ख़ाक, क्यों हम फिक्र करे, वक़्त से पहले अपनी चाहत को, क्यों हम दफ़न करें। मंज़िल मिले या ना मिले, ये तो वक़्त बताएगा, वक़्त से पहले, कोशिशों को...










