जिसको अपनी मातृभूमि से था प्यार,
मुंगलों की अधीनता से था जिसे इन्कार,
जिसका मस्तक अक़बर के आगे न झुका,
जिसका चेतक रोके भी न रुका,
मातृभूमि के लिए जो हर कष्ट सहते हैं
उस शूरवीर को महाराणा प्रताप कहते हैं
- ललित बेरी