*पहचान*.
वाह करोना तूने क्या ग़जब की ढाई है।
तूने आकर अपनों की पहचान करवाई है।
भागदौड़ भरी जिंदगी ने अलग ही रफ्तार पकड़ ली है।
सांसों की माला हाथों ने जकड़ ली है।
हम लोगो को तूने कैसा सबक सिखाया है
घर को पूरे परिवार से तूने एक साथ मिलवाया है।
अब ही पता चलेगा कौन कितना प्यारा है।
जो साथ रहकर भी दूर है, समझो उसी का सहारा है।
देखो तो सही हर घर में क्या नज़ारा है।
जो इस रोग में फस गया, वो ही घर बेचारा है।
एक तरफ करोना ने कारोबार बिगाड़ा है,
पर यही करोना ने देखो तो बिखरते परिवारों को कैसे संभाला है।
क्या कहूं इन परदेसियों की,
बड़े फरेबी से अब लगते है।
जिस देश में कुछ कभी था नहीं,
अब उसी के आंचल से आ लिपटे है।
पहले तो जब आते थे, परिवार के लिए उपहार लेकर आते थे
अब जो आ रहे है सिर्फ करोना कि सौगात दिए जा रहे है।
उनके अपनों की भी क्या मिसाल दूँ, जो दूसरो को भी बीमार किए जा रहे है।
भगवान भी कहता है अब मत आ मंदिर मस्जिद चर्च या गुरुद्वारे में
दुआ जो करनी है तो ढूंढ मुझे दिल के आशियाने में।
ऐ इंसान अब भी संभल जा जीने का ढंग बदल ले।
जो हो रहा संसार में उससे थोड़ा सबक ले।
जीव जंतु�"ं को अब तो बख्श दे।
अपने मतलब के लिए ना किसी �"र को दर्द दे।
कोरोना से हाथ खड़े कर सरकारों ने भी हार मानी है
अगर फिर भी तूने नहीं सुधरना तो फिर तेरी मरने �"र मारने की तैयारी है
तू फिर ना इस देश का, ना परिवार की बागडोर संभाली है।
घूमना अगर तूने बेवजह सड़कों पर, फिर बस तेरी कोरोंना से यारी है।।
जो घरों से बाहर है, उनकी तो मजबूरी है
तुम घर पर ही रहो, परिवार की जान से ज्यादा तुम्हें क्या जरूरी है?
आखिर में *भानू* करे सलाम इस वक़्त में हमारे रखवालों को
दूसरा धन्यवाद है इन रखवालों के परिवारों को
जिन्होंने अभी तक देश को संभाला है
अपनी ज़िन्दगी को दाव पर रखकर हमारी ज़िन्दगी को संवारा है।।
ऐ भगवान मेरी दुआ है तुझसे, इस संसार का ख्याल रखना
ये दुनिया तेरी है बस यही कायम मिसाल रखना।।
भानू सूद
लुधियाना
