सिंह बनने का प्रयास / ललित बेरी .



सिंह अगर चट्टान पर बैठ जाए,
तो वो चट्टान भी सिंहासन कहलाती है।

जीवन में भी बात सिंहासन पाने की नहीं,
सिंह बनने की होनी चाहिए।

क्योंकि जो व्यक्ति अपने कर्म, साहस और आत्मविश्वास से ऊँचा उठता है —
वो जहाँ बैठता है, वही जगह महान बन जाती है।

इसलिए लक्ष्‍य सिर्फ पद पाने का न रखें,
ऐसा व्यक्तित्व बनाएं कि पद खुद आपसे सम्मान पाए।

सिंह बनिए… सिंहासन अपने आप झुक जाएगा!