स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारी कोरोना वायरस से हो रही जंग में बने हालातों को लेकर फिक्रमंद - डॉ नरोत्तम दीवान .
Lalit Berry
Ludhiana - देश को ब्रिटिश हुकूमत से आजाद कराने के लिए संग्राम कर चुके स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारी कोरोना वायरस से हो रही जंग में बने हालातों को लेकर फिक्रमंद है। इस संगठन की यह मान्यता है की स्वतंत्रता के बाद सवास्थ्य सुविधाएँ भारत में आवश्कता अनुसार विकसित नहीं हुईं.
देश भर के चुनिंदा डॉक्टर्स से चर्चा के बाद फ्रीडम फाइटर्स सक्सेर्स आर्गेनाइजेशन �'फ इंडिया, पंजाब के महासचिव व मेडिकल कमेटी के चेयरमैन डॉ.नरोत्तम दीवान व आर्गेनाइजेशन के प्रधान ज्ञान सिंह सग्गू ने केंद्र व राज्य सरकार को कोरोना वायरस से निपटने के लिए निम्नलिखत सुझाव भेजे हैं।
डॉ नरोत्तम दीवान नए कहा की हर स्वतंत्रता सैनानी का यह सपना था की सवतंत्र भारत में सभी नागरिकों को निशुलक अन्तर्राष्ट्रिये सत्तर की चिकत्सा तथा शिक्षा सुविधाएं हर सत्तर पर सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएं तथा हमारी सरकार उनके सपनों को सफल बयायें l
1 . नेशनल हेल्थ सर्विसेज यूके व रक्षा सेवा�"ं की तरह सेहत सेवाएं को भी केंद्र के अधीन कर देना चाहिए। सभी राज्यों के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ व बजट को इंडियन नेशनल हेल्थ सर्विसेज के अधीन कर देना चाहिए। यह बॉडी एम्स, ईएसआई, सिविल अस्पतालों व मिल्ट्री अस्पतालों को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक अपग्रेड करे। इन संस्थानों की फैकल्टी व सेवा�"ं को जरूरत पड़ने पर देश में कहीं भी इस्तेमाल किया जा सके।
2 . यदि कोरोना वायरस कंट्रोल में नहीं आया तो देश को दस हजार से अधिक वेंटिलेटर्स व उससे संबंधित उपकरणों व स्टाफ की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में भारत में ही वर्ल्ड स्टैंडर्ड के मुताबिक वेंटिलेटर्स बनाने पड़ेंगे, जिससे न केवल देश की जरूरतें पूरी हों बल्कि उनका निर्यात भी किया जा सके।
3 . पांच सौ एयर एंबुलेंस हेलिकोप्तेर्स की फ्लीट बनाई जाए, ताकि एमरजेंसी में मरीजों को बड़े अस्पतालों में शिफ़ट किया जा सके।
4 . पूरे देश में आधुनिक सेवा�"ं से लैस दस हजार एंबुलेंस को तैयार रखा जाए।
5 . दवा�"ं व मेडिकल उपकरणों की सप्लाई के लिए दो हजार ड्रोन का इस्तेमाल किया जाए।
6 . कोरोना वायरस के चलते सेना में शार्ट सर्विस कमिश्न की तरह प्राइवेट डॉक्टरों को सरकारी सेवा�"ं में भर्ती किया जाए।
7 . जिन अस्पतालों में वेंटिलेटर उपलब्ध हैं वहां पर सरकारी डॉक्टरों को ट्रेनिंग के लिये तैनात किया जाए। उन्हें कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त सुरक्षा किटें व प्रमोशन व भत्ताें में बढ़ोतरी देकर प्रोत्साहित किया जाए।
8 . प्राइवेट व छोटे अस्पतालों को बढ़ावा दैने के लिये सब्सिडी पर जमीन के अलावा टैक्सों में राहत, ब्याजमुक्त लोन, फ्री बिजली व पानी की सुविधाएं दी जाएं। उन्हें ब्याज मुक्त लम्बे समय बाद बापिस होने वाले लोन्स उपलब्ध कराए जाएं.
9 . डॉक्टर्स को कोरोना से निपटने के लिए प्रोटेक्टिव किटें व ट्रेनिंग दी जाए। इन्हे देश मए अन्तर्राष्ट्रिये सत्तर का बनाया जाये तथा इनका निर्यात भी किया जाये.
10 . यूके, चीन व यूएसए में कोरोना से निपटने के लिए विशेष तौर पर बनाए गए अस्पतालों की तर्ज पर हमें भी बड़े अस्पताल बनाने होंगे।
11 . हर जिले में दस हजार बैड का बड़ा प्यूरी सुविधा�"ं से परपुरण अन्तर्राष्ट्रिये सत्तर का अस्पताल होना चाहिए।
12 . एलआईसी, आयुष्मान भारत के अलावा अन्य सरकारी हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को मर्ज करके एक इंडियन हेल्थ एंड लाइफ इंश्योरेंस कंपनी बनाई जाए। इस पूल के इंफ्रास्ट्रक्चर, मैनपावर व फाइनेंस देश के लोगों को कैशलेस हेल्थ फैसिलिटी देने में इस्तेमाल किया जाए। यह कंपनी देश में बड़े अस्पतालों के निर्माण के अलावा दवा�"ं व मेडिकल उपकरणों की फैक्ट्रियों के लिए भी फाइनेंस करे।
13 . भारत में नए बेक्टीरिया, केमिकल गैसों, वायरस व पानी में घुलने वाले केमिकल के जरिए बीमारियों का बड़ा खतरा है, जिसके निदान के लिए एंटीडॉट तैयार किए जाने चाहिए। यह काम सिर्फ आईसीएमआर व मेडिकल यूनिवर्सिटियों के रिसर्च प्रोजेक्ट के जरिए ही पूरा नहीं किया जा सकता है। इसलिए वुहान इंडस्टीट्यूट �'फ वायरोलोजी की तरह हमारे यहां भी बड़ी केन्द्रिये इंडियन रिसर्च लैबोरेटरी बनाकर पुरानी व नई बीमारियों के अलावा मेडिकल उपकरणों व दवा�"ं पर रिसर्च की जाए।
14 . बीमार मरीज पहले ही मुसीबत से घिरा होता है। ऐसे में दवा�"ं, सीरिंजों व मेडिकल उपकरणों के जरिए उनसे टैक्स वसूलना मरीजों पर अन्याय तहा ज़ुल्म है।स्वतंतर भारत में बीमारों पर टैक्स लगाना निदनिये है. इसकी बजाय दवाइयों को फ्री या सब्सिडाइज रेटों पर करना चाहिए।
15 . मेडिकल एजूकेशन को पूरी तरह से फ्री करना चाहिए �"र कालेजों में एनआरआई कोटा, मैनेजमेंट कोटा, समेत सभी रिजव्रेशन तुरंत खत्म करनी चाहिए। देश भर में सिर्फ एक एग्जाम के जरिए उसकी मेरिट के आधार पर सभी कालेजों में दाखिला मिलना चाहिए, �"र फिर डाक्ॅटरों को पचीस साल तक ग्रांटिड सरकारी नौकरी देकर लोगों की सेवा करने के लिए बाऊंड कर देना चाहिए।
जय हिन्द, जय भारत, भारत माता की जय, वन्दे मातरम.
हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिये , दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिये.
डॉ.नरोत्तम दीवान ,
पंजाब के महासचिव व मेडिकल कमेटी के चेयरमैन
मोबाइल नंबर 9417209502
ज्ञान सिंह सग्गू
प्रधान
मोबाइल नंबर 9815073060
भारतीये स्वतंत्रता सैनानी उत्तराधिकारी संगठन, पंजाब ( रेजिस्टर्ड )
